भारतीय संस्कृति में नारी को सदा से शक्ति, ज्ञान और करुणा का स्वरूप माना गया है।
विस्तार से पढ़ेंसमाज में गौ रक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना और इसे केवल एक धार्मिक कर्तव्य के बजाय एक सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में स्थापित करना।
विस्तार से पढ़ेंहिंदू व्यापारिक समुदाय को संगठित करना, स्वदेशी व्यापार को बढ़ावा देना और व्यापारियों की समस्याओं को सरकार एवं संबंधित निकायों तक पहुँचाना है।
विस्तार से पढ़ेंसनातन धर्म, हिंदू समाज और राष्ट्रहित की रक्षा व सशक्तिकरण करना है। यह संगठन महंत अवैद्यनाथ जी के विचारों व संगठित प्रयासों से प्रेरित होकर कार्य करता है।
>जाति, वर्ग, क्षेत्र और भाषा के भेद से ऊपर उठकर संपूर्ण हिंदू समाज को एक सूत्र में बांधना।
महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय गतिविधियों में नेतृत्वकारी भूमिका देना।
“राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ कार्य करते हुए अखंड भारत, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना।
सेवा कार्यों (शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत), संस्कार निर्माण और मजबूत संगठन के माध्यम से समाज को आत्मनिर्भर बनाना।
युवाओं में राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव का भाव जागृत करना।
भारतीय गौवंश का संरक्षण एवं संवर्धन करना एवं समाज में गौ माता की विशेषता को जागृत करना
कुल राज्य
कुल मंडल
कुल स्वयंसेवक